राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना

राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना (RGGBKMNY) के उद्देश्य, लाभ, पात्रता, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया…….सभी बिंदुओं का आसान शब्दों में विश्लेषण।

परिचय

फसल उत्पादन को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सर्वप्रथम कृषि कार्य के क्षेत्र में राजीव गाँधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की जिसके तहत कृषि आदान सहायता राशि देना आरंभ किया इस योजना की शुरुआत इन्होंने भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी के शहादत दिवस पर किया। 

         इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजीव जी के शहादत दिवस पर मैंने घोषणा की है, कि जो भी भूमिहीन कृषक हैं उन्हें भी राजीव गाँधी किसान न्याय योजना का लाभ मिलना चाहिए | इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है, इस कमेटी की अध्ययन रिपोर्ट  कैबिनेट के सामने प्रस्तुत की जाएगी, ताकि भूमिहीन कृषकों को भी इस योजना में शामिल किया जा सके।

              फलस्वरुप बाद में चलकर इन्होंने एक और नई योजना की शुरुआत की जिसको राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना के नाम से जाना जाता है | इस योजना के अंतर्गत सिर्फ छत्तीसगढ़ प्रदेश के भूमिहीन कृषक मजदूर जो छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी हैं,को लाभ दिया जाएगा। चूकी छत्तीसगढ़ राज्य की 70 प्रतिशत आबादी कृषि कार्य पर ही निर्भर करती है |अपनी खेती से ही अपनी जीविका चलाते हैं।

        Rajiv Gandhi  Bhumihin Krishak Mazdoor Nyaay Yojana ग्रामीण क्षेत्र (ग्राम पंचायत क्षेत्र) के साथ-साथ नगर पंचायत क्षेत्र में भी लागू की गई है।  छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ फसल में कृषि कार्य के लिए पर्याप्त अवसर रहता है और रवि फसल में पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण कृषि कार्य से जुड़े कृषक; जिसमें अधिकांश ग्रामीणों में लघु सीमांत या भूमिहीन कृषक होते हैं। सिर्फ इसमें से भूमिहीन कृषक मजदूर को; अन्य कृषि कार्य करने वालों कृषक की तुलना में ग्रामीण एवं नगर पंचायत स्तर पर रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं। 

अतः छत्तीसगढ़ प्रदेश के सरकार द्वारा इस वर्ग को रोजगार के नजरिए से मजबूती प्रदान करने के लिए Rajiv Gandhi  Bhumihin Krishak Mazdoor Nyaay Yojana की शुरुआत की ।

उद्देश्य

  1. इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत व नगर पंचायत स्तर पर भूमिहीन कृषक परिवारों की पहचान कर वार्षिक आधार पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाएगा।
  2. इस योजना के तहत आर्थिक अनुदान के द्वारा भूमिहीन कृषक मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है।

नोट – राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना ग्राम पंचायत क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2021-22 से लागू होंगे और नगर पंचायत क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2023-24 से लागू होंगे।

राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना, Researcher Rajaram Bharati

हितग्राही /लाभुक /कृषक परिवार की पात्रता

  1. इस योजना का लाभ सिर्फ छत्तीसगढ़ प्रदेश की भूमिहीन कृषक परिवार को ही दिया जाएगा, जो यहां के मूल निवासी हैं।
  2. 1 अप्रैल 2023 की स्थिति में लाभुक के पास राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना के निर्देशानुसार योग्य होना चाहिए।
  3. ग्रामीण इलाकों व नगर पंचायत इलाकों में रह रहे भूमिहीन कृषक मजदूर परिवार जिनके पास कृषि कार्य करने के लिए अपनी भूमि नहीं है| इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रकार के भूमिहीन कृषक परिवार के लिए पट्टे पर प्राप्त भूमि व वन अधिकार प्रमाण पत्र को कृषि भूमि माना जाएगा।
  4. नगर पंचायत क्षेत्र व ग्रामीण इलाकों के सभी भूमिहीन कृषक परिवार जिनके अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी, पुरोहित( जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार ) व अन्य वे सभी वर्ग इस योजना के पात्र होंगे जिन परिवार के पास कृषि कार्य करने के लिए भूमि नहीं है | इसके अलावा उपरोक्त लिखित बिंदु 3.भी मान्य होगा।
  5. ग्रामीण इलाकों के अनुसूचित जाति एवं नगर पंचायत क्षेत्र के आदिवासियों के देव स्थल में पूजा पाठ कराने वाले व्यक्ति जैसे पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी आदि व आदिवासी के देवस्थल के हाट पहार्या एवं बाजा मोहरिया के पास यदि कृषि कार्य करने के लिए अपनी भूमि नहीं है, तो भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे, किंतु 

               इस वर्ग के वे सभी परिवार जो सरकार से किसी प्रकार का सहायता या आर्थिक भत्ता, अन्य योजना से प्राप्त कर रहे हैं तो इस योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही नगर निगम व नगर पालिका में रह रहे परिवार या व्यक्ति भी इस योजना से वंचित रहेंगे व उपरोक्त लिखित बिंदु 3. भी लागू होंगे।

  1. भूमिहीन कृषक मजदूर का मतलब यह है कि वैसे व्यक्ति (इस योजना का लाभ ले सकेंगे) जिनके पास कृषि कार्य करने के लिए अपनी भूमि नहीं है और जिसकी जीविका का मुख्य साधन दैनिक मजदूरी अर्थात शारीरिक श्रम है और उसके परिवार का कोई भी सदस्य के पास कृषि कार्य करने के लिए भूमि नहीं है।
  2. इस योजना में परिवार शब्द का अर्थ है किसी भी व्यक्ति का कुटुंब अर्थात उसकी पत्नी या पति, संतान व उन पर आश्रित माता-पिता इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
  3. भूमिहीन कृषक परिवारों की सूची में यदि परिवार के मुखिया के रूप में परिवार के माता या पिता का नाम आता है अर्थात माता या पिता के नाम से कृषि कार्य करने के लिए भूमि है अर्थात उसे परिवार को उत्तराधिकार के रूप में भूमि प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार है, तब वह परिवार भूमिहीन कृषक परिवार की सूची से पृथक हो जाएगा | फल स्वरुप इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
  4. जिस परिवार के पास घर बनाने के उद्देश्य से भूमि है, वह भूमि कृषि भूमि के रूप में गणना नहीं की जाएगी ।
  5. वैसे परिवार जो इस योजना के निर्देशानुसार पंजीकरण करवा चुके हैं, सिर्फ वही परिवार लाभुक होंगे, और वैसे परिवार जिन्होंने अपना पंजीकरण नहीं करवाया है | इस योजना का लाभ नहीं दिया जायेगा।
  6. पंजीकृत लाभुक/हितग्राही परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर उस परिवार के द्वारा इस योजना के निर्देशानुसार नया आवेदन मान्य होगा।
  7. यदि पंजीकृत लाभुक परिवार के मुखिया द्वारा गलत जानकारी के आधार पर अनुदान सहायता राशि प्राप्त की गई है, तो विधिवत कार्यवाही करते हुए उस राशि को भू राजस्व के बकाया के रूप में वसूली की जाएगी।

राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना की निरर्हता

   Rajiv Gandhi  Bhumihin Krishak Mazdoor Nyaay Yojana के अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणी के परिवार को लाभ से वंचित रखा जाएगा |

  • नगर निगम व नगर पालिका के अंतर्गत जिनका स्थाई निवास है | वह परिवार इस योजना के लाभ से वंचित रहेंगे।
  • वह व्यक्ति जिनको सरकारी नौकरी (संवैधानिक पद प्राप्त) है या पूर्व में सरकारी नौकरी था, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • वैसे व्यक्ति जो केंद्र शासन, राज्य शासन के अंतर्गत किसी भी विभाग या कार्यालय और उसकी क्षेत्रीय इकाई में अधिकारी अथवा कर्मचारी के रूप में सेवारत हैं या सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • वह व्यक्ति जो केंद्र शासन या राज्य शासन के अंतर्गत निगम, मंडल, आयोग प्राधिकरण आदि में संविदा स्थाई या अस्थाई रूप से कार्य करते हैं, को भी इस योजना का लाभ से वंचित रखा जाएगा।
  • दैनिक वेतन पर कार्य करने वाले कर्मचारी या आउटसोर्सिंग पर कार्य करने वाले कर्मचारी को भी इस योजना का पात्र नहीं माना जाएगा।
  • वह व्यक्ति जो सरकार के अंतर्गत किसी केंद्रीय स्तरीय या राज्य स्तरीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में एक अधिकारी या कर्मचारी के रूप में कार्य कर चुके हैं, उन्हें भी इस योजना से वंचित रखा जाएगा।
  • सरकार के स्थानीय स्तर के निकाय के नियमित कर्मचारी को भी इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • केंद्र व राज्य सरकार के किसी भी विभाग में वर्तमान में मंत्री हैं या पूर्व में मंत्री रह चुके हो, इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
  • वह व्यक्ति जो राज्यसभा या लोकसभा सदस्य के रूप में वर्तमान में या पूर्व में कार्य कर चुके हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • वह व्यक्ति जो राज्य विधानसभा या राज्य विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं या वर्तमान में कार्यरत हैं, इस योजना के लाभ से वंचित रखा जाएगा।
  • वह व्यक्ति जो जिला स्तर का वर्तमान में अध्यक्ष या पूर्व में अध्यक्ष रह चुके हैं, इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
  • वह व्यक्ति जो किसी भी पंचायत का वर्तमान में या पूर्व में अध्यक्ष रह चुके हैं या ग्राम पंचायत का पूर्व में या वर्तमान में पंच या सरपंच रह चुके हैं, वह भी इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
  • वह व्यक्ति जो किसी भी नगरीय इकाई का वर्तमान में या पूर्व में अध्यक्ष रह चुके हैं,( जैसे में यह अध्यक्ष, पार्षद आदि)रह चुके हैं, उन्हें भी इस योजना के पात्र नहीं माना जाएगा।
  • वह व्यक्ति जो पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स रिटर्न भरा हो या उसके परिवार का कोई भी सदस्य इनकम टैक्स रिटर्न भरा हो उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • वह व्यक्ति जो पैसे से डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, आर्किटेक्ट है, उन्हें भी इस योजना के लाभ से वंचित रखा जाएगा।
योजना का नाम राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना
योजना का शॉर्ट नामRGGBKMNY
योजना का उद्देश्य भूमिहीन कृषक मजदूर की शुद्ध आय में वृद्धि करना
लागू सिर्फ छत्तीसगढ़ के मूल निवासी के लिए
अनुदान सहायता राशि ₹7000 प्रतिवर्ष
आधिकारिक वेबसाइटhttps://rggbkmny.cg.nic.in/
राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना, Researcher Rajaram Bharati

हितग्राही /लाभुक /कृषक परिवार के पंजीयन के लिए आवश्यक कागजात व प्रक्रिया

  1. आधार कार्ड व मोबाइल नंबर
  2. बैंक पासबुक की छाया प्रति के साथ आवेदन फॉर्म
  • ग्राम पंचायत स्तर के लाभुक को निर्धारित तिथि तक पंचायत सचिव के पास उपरोक्त सभी कागजात जमा करने होंगे।
  • नगर पंचायत स्तर के लाभार्थी को निर्धारित समय सीमा तक उपरोक्त सभी कागजात जमा करने होंगे।
  • अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत (आने वाले सभी लाभुक/ हितग्राही /कृषक परिवार जो ) नगर पालिका में स्थित आदिवासियों के देव स्थल में पूजा पाठ करने वाले व्यक्ति जैसे पुजारी, बैग, गुनिया, मानसी आदि नाम से जाना जाता है तथा आदिवासियों के देव स्थल के हाट पाहार्या एवं बाजा मोहरिया के सभी आवेदन मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका या नगर पंचायत के समक्ष निर्धारित समय सीमा के अंदर आवेदन करेंगे।
  • लाभुक/हितग्राही या कृषक परिवार के आवेदन की पावती रसीद ग्राम पंचायत सचिव या मुख्य नगरपालिका अधिकारी के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा।
  • प्राप्त आवेदनों को ग्रामीण स्तर पर; ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से, पंचायत स्तर पर; मुख्य कार्यपालन अधिकारी के माध्यम से, जनपद पंचायत व नगर पंचायत के क्षेत्रीय स्तर पर; मुख्य नगरपालिका अधिकारी के माध्यम से, नगर पालिका में नियत समय सीमा के अंदर जमा करना होगा | जहां पोर्टल में सभी आवेदनों को ऑनलाइन किया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए लाभुक परिवार के मुखिया को आवेदन के साथ-साथ आधार नंबर अवश्य देना होगा | आधार नंबर नहीं रहने की स्थिति में या खो जाने की स्थिति में उन्हें सबसे पहले आधार बनवाना ही होगा।
  • हितग्राही परिवार के पंजीयन का कार्य संबंधित जनपद पंचायत वह नगर पंचायत के कार्यालय में निर्धारित समय सीमा के भीतर राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना के पोर्टल पर पंजीयन करने की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) तथा नगर पालिका अधिकारी (नगर पंचायत) की होगी।
  • पोर्टल पर किए गए ऑनलाइन में कृषि भूमि से संबंधित दी गई जानकारी का पुनःनिरीक्षण राजस्व अधिकारी, नायब तहसीलदार या तहसीलदार द्वारा भूइंया रिकॉर्ड को आधार  मानकर किया जाएगा।
  • यदि हितग्राही परिवार के बैंक विवरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो हितग्राही परिवार के माध्यम से 15 दिनों के भीतर ही बैंक का विवरण सुधार करवा कर, अनुदान की राशि उस बैंक खाते में भेजी जाएगी।

राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना के तहत अनुदान सहायता राशि

  1. Rajiv Gandhi  Bhumihin Krishak Mazdoor Nyaay Yojana के अंतर्गत हितग्राही परिवार के मुखिया को प्रति वर्ष ₹7000 की राशि अनुदान सहायता के रूप में किस्तों में प्रदान की जाएगी।
  2. अनुदान सहायता की राशि इस योजना के अंतर्गत दिए गए निर्देश के आधार पर सूचीबद्ध हितग्राही या लाभुक परिवार के मुखिया को सीधे बैंक खाता में भेज दिया जाएगा।
  3. छूटे हुए हितग्राही परिवार जो इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं, को जिला अनुश्रवण समिति की अनुशंसा पर आर्थिक अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यदि पंजीकृत लाभुक परिवार के मुखिया द्वारा गलत जानकारी के आधार पर अनुदान सहायता राशि प्राप्त की जाती है, तो इस स्थिति में विधिवत कार्यवाही करते हुए उस राशि को भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूली की जाएगी।

महत्वपूर्ण तिथियाॅं-

 छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से इस योजना के अंतर्गत नए सिरे से आवेदन प्राप्त करने से संबंधित प्रक्रिया के लिए कुछ तिथियाॅं जारी की है जो कुछ इस प्रकार है-

  • इस योजना के तहत नए सिरे से आवेदन देने की तिथि 1 अप्रैल 2023 से 15 अप्रैल 2023 तक निर्धारित की गई है।
  • इस योजना से संबंधित पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि करने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल 2023 तक निर्धारित की गई है।
  • तहसीलदार द्वारा पंजीकृत आवेदनों के निराकरण करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2023 तक निर्धारित की गई है।
  • सभी प्राप्त किए गए आवेदनों की स्वीकृति या अस्वीकृति के बाद ग्राम पंचायत क्षेत्र या नगर पंचायत क्षेत्र या नगरपालिका पर प्रकाशित कर, दावा आपत्ति दायर करने साथ ही ग्राम सभा या सामान्य सभा में निराकरण करने की अंतिम तिथि 8 मई 2023 तक निर्धारित की गई है।
  • सामान्य सभा के द्वारा लिया गया निर्णय के आधार पर पोर्टल में अपडेट करने की अंतिम तिथि 14 मई 2023 तक निर्धारित की गई है | साथ ही सामान्य सभा द्वारा अंतिम सत्यापन करने के बाद जो सूचि प्रकाशित की जाएगी उसकी तिथि 15 मई 2023 को निर्धारित की गई है।

निष्कर्ष-

Rajiv Gandhi  Bhumihin Krishak Mazdoor Nyaay Yojana छत्तीसगढ़ राज्य की एक महत्वपूर्ण योजना है | छत्तीसगढ़ राज्य की आधी से अधिक आबादी कृषि पर ही गुजर बसर करती है |इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे   रही है| इस योजना में मुख्य रूप से भूमिहीन कृषक परिवार को ध्यान में रखा गया है| इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बहुत बड़ा कदम उठाया है| 

                                    भारत मुख्य रूप से दो ही प्रकार के फसल उगाते हैं- रबी और खरीफ |  रबी फसल को सर्दी के मौसम का फसल भी कहा जाता है क्योंकि इस फसल की बुवाई अक्टूबर माह से दिसंबर माह के बीच की जाती है और बसंत ऋतु के मौसम में अप्रैल माह से मई माह के बीच रबी फसल की कटाई की जाती है|  रबी की फसल पर बारिश का बहुत कम प्रभाव देखने को मिलता है |

                                  दूसरी तरफ खरीफ की फसल को पर्याप्त गर्मी और बारिश की आवश्यकता होती है| यह फसल मुख्य रूप से जून से जुलाई माह के बीच बोई जाती है और अक्टूबर से नवंबर माह के बीच फसलों की कटाई की जाती है|

  छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ फसल के लिए मौसम अनुकूल रहता जबकि रबी फसल के लिए मौसम अनुकूल नहीं रहता है जिससे सबसे ज्यादा हानि,कृषक वर्ग में भूमिहीन कृषक परिवार को होती है।इस वजह से छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ प्रदेश की भूमिहीन कृषक परिवार को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के उद्देश्य से साथ ही कृषि कार्य के लिए सहायता राशि देकर कृषि  को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य इस योजना की शुरुआत की| 

राजीव गाँधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक्स –

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राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY)- हिंदी भाषा में

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना(MMSKY)-हिंदी भाषा में

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY)- in english language

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना(MMSKY)-in english language

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