पीएम विश्वकर्मा योजना; ₹3 लाख तक लोन पायें

 पीएम विश्वकर्मा योजना के बारे में परिचय, उद्देश्य, लाभ, ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, रजिस्ट्रेशन, लाभार्थी आदि बिंदुओं पर आसान शब्दों में विश्लेषण।

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परिचय

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को, अर्थात भगवान विश्वकर्मा की जयंती के दिन, साथ ही बड़े खुशी की बात है की, इसी दिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का 73वां जन्मदिन भी था। इसी शुभ अवसर पर पीएम विश्वकर्मा योजना लॉन्च की गई। यह योजना पारंपरिक कौशल रखने वाले लोगों को जैसे – सुनार, लोहार, कुम्हार आदि को वित्तीय सहायता प्रदान करती है| साथ ही इसके माध्यम से लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, स्टाइपेंड के रूप में ₹500 भी दिया जाएगा, साथ ही दो चरणों में ₹3 लाख तक लोन भी दिए जाने का प्रावधान है।

पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है?

पीएम विश्वकर्मा योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय योजना है। जो शिल्पकारों व कारीगरों को संपार्श्विक मुक्त ऋण, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और बाजार तक पहुंच सभी शुरू से अंत तक सहायता प्रदान करती है।

          चलिए मैं आपको प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में बताता हूं –    

“परंपरागत रूप से करोड़ विश्वकर्मा जो अपने हाथों और औजारों से कड़ी मेहनत करके कुछ ना कुछ बनाते हैं। इस देश के निर्माता हैं । हमारे पास लोहार, सुनार, कुम्हार, बढई, मूर्तिकार, कारीगर, राजमिस्त्री आदि जैसे अनगिनत लोगों की एक विशाल सूची है । इन सभी विश्वकर्माओं की कड़ी मेहनत का समर्थन करने के लिए देश पहली बार विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आया है । ऐसे लोगों के लिए प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी, ऋण और बाजार समर्थन की प्रावधान किये गए हैं। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान यानी पीएम विश्वकर्मा करोड़ों विश्वकर्माओं के जीवन में अमूल-चूल परिवर्तन लाएगा।”

              इस योजना के अंतर्गत 18 पारंपरिक कौशल वाले व्यवसायों को शामिल किया गया है। जिससे मौजूदा ग्रामीण व शहरी स्तर पर जो कारीगर संसाधन का अभाव से अपना व्यवसाय नहीं आगे बढ़ा पा रहे हैं| उन्हें इस योजना के माध्यम से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बढ़िया अवसर प्राप्त होगा।

पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य-

पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक कार्यक्रम और शिल्पकारों को उनके पारंपरिक उत्पादों एवं सेवाओं को विस्तार करने के लिए शुरू से अंत तक सारी सहायता प्रदान करने के लिए इस योजना को चलाया गया है इस योजना से संबंधित उद्देश्य निम्नलिखित है-

  1. मान्यता देना – कारीगरों और शिल्पकारों को विश्वकर्मा के रूप में मान्यता देना साथ ही उन्हें इस योजना के अंतर्गत सभी लाभ प्राप्त करने के लिए योग्य बनाना।
  2. कौशल उन्नयन प्रदान करना- आवेदक के कौशल को निखारना और उनके लिए, उनके कौशल से संबंधित उपयुक्त प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध कराना ताकि अपने व्यवसाय को काफी कुशलता से आगे बढ़ा सकें।
  3. उपकरण संबंधी सहायता प्रदान करना- आवेदक की क्षमता उत्पादकता और उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेहतर से बेहतर व आधुनिक उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता व प्रशिक्षण प्रदान करना। जिससे की कुशलता पूर्वक उपकरणों को अपने कार्य में उपयोग कर सकें।
  4. संपार्श्विक मुक्त ऋण प्रदान करना – आवेदकों को काफी आसानी से संपार्श्विक मुक्त ऋण उपलब्ध कराना। साथ ही ऋण के ब्याज दर में छूट प्रदान करके ऋण की लागत को कम करना।
  5. डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करना- डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करना अर्थात ऑनलाइन जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग, पीओएस टर्मिनल, मोबाइल वॉलेट, यूपीआई आदि के माध्यम से पैसों का आदान-प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करना ताकि सभी प्रकार के कारीगरों व शिल्पकारों को इस योजना के अंतर्गत व्यवसाय में सुविधा हो सके।
  6. ब्रांड प्रचार और बाजार लिंकेज – विकास के नए अवसरों तक पहुंचने में मदद करने के लिए ब्रांड प्रचार और बाजार लिंकेज के लिए एक मंच प्रदान करना। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
योजना का नामपीएम विश्वकर्मा योजना
योजना लागू करनेवाले का नामश्री नरेंद्र मोदी
योजना की शुरुआत17 सितंबर 2023
पात्रताकिसी भी राज्य का कोई भी व्यक्ति 
उम्र सीमान्यूनतम 18 वर्ष
आवेदन की तिथिकिसी भी समय
योजना का स्तरकेंद्र सरकार
ऑफ़िशियल वेबसाइटयहाँ क्लिक करें।
ईमेल आईडीdcmsme@nic.in
हेल्प लाइन नंबर 18002677777, 17923, 011-23061176,

संपार्श्विक और संपार्श्विक मुक्त ऋण क्या है?

संपार्श्विक शब्द का अर्थ है लिए गए ऋण के बदले किसी चीज की गिरवी रखना । जैसे जब आप किसी बैंक या साहूकार के द्वारा दिए गए ऋण के लिए अपना घर या वाणिज्यिक परिसर या महंगी वस्तु गिरवी के रूप में रखते हैं, तो यह प्रक्रिया संपार्श्विक कहलाती है।

                 जबकि संपार्श्विक मुक्त ऋण का अर्थ है अपनी कोई भी अचल या अन्य संपत्ति को गिरवी रखे बिना अपनी व्यवसाय के लिए किसी वित्तीय संस्था से (बैंक या साहूकार से ऋण लेना) संपार्श्विक मुक्त ऋण कहलाता है। संपार्श्विक मुक्त ऋण एक विशिष्ट ब्याज दर के आधार पर प्रदान किया जाता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना की पात्रता –

  1. स्वरोजगार के आधार पर असंगठित क्षेत्र में हाथ और औजारों से काम करने वाले लोग और इस योजना में सूचीबद्ध 18 प्रकार के परिवार आधारित पारंपरिक व्यवसाय में से, किसी एक व्यवसाय में लगे एक कारीगर या शिल्पकार पीएम विश्वकर्म योजना के पात्र होंगे।
  2. पंजीकरण की तिथि के दौरान लाभार्थी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए।
  3. लाभार्थी को संबंधित व्यापार में संलग्न होना चाहिए और स्वरोजगार या व्यवसाय के विकास के लिए केंद्र सरकार या राज्य सरकार की समान पिछले 5 वर्षों में क्रेडिट आधारित योजनाओं  के (जैसे पीएमईजीपी, पीएम सम्मान निधि, पीएम मुद्रा आदि के) तहत ऋण नहीं होने चाहिए।
  4. योजना के अंतर्गत पंजीकरण और लाभ परिवार के मात्र एक सदस्य तक ही सीमित रहेगा। योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए एक परिवार को पति-पत्नी और अविवाहित बच्चों के रूप में परिभाषित किया गया है।
  5. सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के कोई भी सदस्य इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत योग्य ट्रेड-

  1. लकड़ी आधारित- कारपेंटर, सुथार, नाव बनाने वाला
  2.  सोना-चांदी आधारित- सुनार
  3. वास्तुकला या निर्माण – राज मिस्त्री (मेसन)
  4. मिट्टी आधारित- कुम्हार
  5. लौह/धातु/ पत्थर आधारित- अस्त्रकार (अस्त्र बनाने वाला), कवच बनाने वाला, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, मरम्मत करने वाला मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाला, पत्थर तोड़ने वाला
  6. चमड़े पर आधारित- मोची (चर्मकार), जूता-चप्पल कारीगर
  7. अन्य- टोकरी/ चटाई/ झाड़ू निर्माता, कयर बुनकर, पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई (बाल-दाढ़ी बनाने वाला), माला निर्माता, धोबी, दर्जी, मछली पकड़ने का जाल निर्माता

नोट – इस योजना के अंतर्गत कांस्य,पीतल, तांम्बा डायस, बर्तन, मूर्तियां आदि का निर्माण भी शामिल है। ट्रेडों की सूची को राष्ट्रीय संचालन समिति की मंजूरी से साथ ही एमएसएमई मंत्री भारत सरकार की मंजूरी से अद्यतन और संशोधित किया जा सकता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना; ₹3 लाख तक लोन पायें

पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभ-

  • मान्यता- इस योजना में भाग लेने वाले लोगों को प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड दिया जाएगा। जिसके माध्यम से विश्वकर्मा के रूप में पहचाना जाएगा।
  • कौशल – कौशल सत्यापन के बाद 5 से 7 दिन अर्थात 40 घंटे का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इच्छुक उम्मीदवार 15 दिन अर्थात 120 घंटा के उन्नत प्रशिक्षण के लिए भी नामांकन कर सकते हैं। प्रशिक्षण सहायता राशि ₹500 प्रत्येक दिन दिया जाएगा।
  • टूल किट प्रोत्साहन राशि- लाभुक को अपने व्यवसाय से संबंधित औजार खरीदने के लिए ₹15000 अनुदान के रूप में दिया जायेगा।
  • आर्थिक सहायता- इस योजना के अंतर्गत लाभुक को संपार्श्विक मुक्त ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें प्रत्येक लाभार्थी को ₹3 लाख तक दिए जाएंगे। पहली किस्त में ₹100000, 18 महीने के  पुन पुर्नभुगतान के लिए और दूसरी किस्त ₹200000, 30 महीने के पुर्नभुगतान के लिए।

              ब्याज की रियायती दर 5% लिया जाएगा और 8% की ब्याज छूट सीमा MoMSME द्वारा भुगतान की जाएगी। क्रेडिट गारंटी शुल्क भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

  • डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन- प्रतिमाह अधिकतम 100 लेनदेन के लिए प्रति लेनदेन ₹1 चार्ज किया जाएगा।
  • विपणन सहायता – राष्ट्रीय विपणन समिति NCM, गुणवत्ता प्रमाण, ब्रांडिंग और प्रचार जैसी सेवाएं प्रदान की जाएगी। ई-कॉमर्स लिंकेज, व्यापार मेले के लिए विज्ञापन, प्रचार और अन्य विपणन गतिविधियों के लिए विशेष रूप से सहायता प्रदान किया जाएगा।

नोट :- स्वरोजगार- स्वरोजगार का अर्थ है स्वयं अपने लिए रोजगार सृजन करना ना कि दूसरों के यहां नौकरी करना।

असंगठित क्षेत्र- असंगठित क्षेत्र को पारंपरिक क्षेत्र भी कहा जाता है एक ऐसा क्षेत्र जो सरकार के साथ पंजीकृत नहीं होता है, और उन पर कोई अधिनियम नहीं लागू होते हैं। असंगठित क्षेत्र में रोजगार की शर्तें निश्चित नहीं होती है और असंगठित क्षेत्र में मुख्य रूप से स्वनियोजित श्रमिकों, वेतनभोगी मजदूरों, और संगठित क्षेत्र के उन कर्मचारियों को शामिल किया जाता है जो असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2008 की अनुसूची 2 में उल्लेखित कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित किसी अधिनियम के तहत नहीं आते हैं।

                   जबकि संगठित क्षेत्र में रोजगार की शर्तें निश्चित व नियमित होती है, साथ ही कर्मचारियों को सुनिश्चित कार्य व सामाजिक सुरक्षा मिलती है। संगठित क्षेत्र को एक ऐसा क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है, जो सरकार के साथ पंजीकृत होता है और उसपर कई अधिनियम लागू होते हैं। उदाहरण के लिए स्कूल व अस्पताल संगठित क्षेत्र के अंतर्गत ही आते हैं । संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार सुरक्षा प्राप्त होता है और उन्हें कुछ निश्चित घंटे के लिए ही कार्य करना पड़ता है।

विपणन – विपणन एक प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत मार्केटिंग एवं कार्यान्वयन की योजना बनाई जाती है । इस दौरान चार मूलभूत तत्वों को ध्यान में रखकर योजना बनाई जाती है और  क्रियान्वयन किया जाता है। उत्पाद, मूल्य, स्थान और प्रोत्साहन। यह प्रक्रिया व्यक्तियों एवं संगठनों के बीच उत्पादों, सेवाओं या विचारों का आदान-प्रदान करता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पोर्टल पर पंजीयन के दौरान निम्नलिखित कागजात जरूरी है-

  1. लाभार्थियों को पंजीकरण के लिए आधार, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण, राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेज जरूरी होंगे।
  2. यदि किसी लाभार्थी के पास राशन कार्ड नहीं है, तो उन्हें परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड देने होंगे।
  3. इस योजना के तहत परिवार शब्द का अर्थ है, पति-पत्नी व उनके अविवाहित बच्चे (जिनकी उम्र कम से कम 18 वर्ष  है)।
  4. यदि लाभार्थी के पास बैंक खाता नहीं है तो उन्हें सबसे पहले एक बैंक खाता खोलना होगा जिसके लिए सीएसी द्वारा हैंडहोल्डिंग की जाएगी।
  5. अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी लाभार्थियों को MoMSME द्वारा निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता हो सकती है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत निम्नलिखित संस्थान के माध्यम से संपार्श्विक मुक्त ऋण दिया जाएगा-

  1. अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक 
  2. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 
  3. लघु वित्त बैंक 
  4. सहकारी बैंक 
  5. गैर बैंकिंग वित्त कंपनियां 
  6. और सूक्ष्म वित्त संस्थान, इस योजना के तहत ऋण देने के पात्र हैं।

पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन कैसे करें-

पीएम विश्वकर्मा योजना एक समग्र योजना है और इसमें कारीगरों और शिल्पकारों को उनके उत्पादों और सेवाओं को और भी पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाने में शुरू से अंत तक इस योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा-

  1.  प्रथम चरण:- मोबाइल और आधार सत्यापन- आवेदक अपना मोबाइल नंबर को प्रमाणित करेंगे और आधार की ई-केवाईसी करेंगे।
  2. द्वितीय चरण:- कारीगर पंजीयन फॉर्म- आवेदक पंजीयन फार्म के लिए आवेदन करेंगे।
  3. तृतीय चरण:- पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र- पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र, डाउनलोड करेंगे साथ ही पीएम विश्वकर्मा डिजिटल आईडी भी दिया जाएगा।
  4. चतुर्थ चरण:- योजना घटकों के लिए आवेदन- आवेदक योजना के विभिन्न घटकों के लिए आवेदन करना प्रारंभ करेंगे।
पीएम विश्वकर्मा योजना; ₹3 लाख तक लोन पायें

पीएम विश्वकर्मा योजना के मुख्य घटक-

  • मान्यता देना- पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र व आईडी कार्ड
  • कौशल उन्नयन – स्किल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण देना
  • टूल्कित प्रोत्साहन- टूल किट खरीदने के लिए आर्थिक सहायता 
  • ऋण सहायता- संपार्श्विक मुक्त ऋण आसानी से उपलब्ध कराना
  • डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन- व्यापार को काफी सुविधाजनक बनाने के लिए
  • विपणन समर्थन- व्यापार के ब्रांडिंग व प्रचार-प्रसार के लिए मार्केट उपलब्ध कराना

पीएम विश्वकर्म योजना के अंतर्गत वैसे व्यक्ति लाभ लेने के पात्र हैं जिनकी आयु कम से कम 18 वर्ष है साथ ही निम्नलिखित 18 प्रकार की व्यापार में से किसी भी एक व्यापार से ताल्लुक रखते हैं-

1. हथोड़ा और टूलकिट निर्माता10. माला बनाने वाला
2. सुनार 11. नाई (बाल दाढ़ी बनाने वाला)
3. सुथार या बढ़ई12. मोची/ चर्मकार/जूता-चप्पल कारीगर
4. लोहार13. पारंपरिक गुड़िया व खिलौना निर्माता
5. मूर्तिकार /पत्थर तराशने वाला / पत्थर तोड़ने वाला14. दर्जी (कपड़ा सिलने वाला)
6. नाव बनाने वाला15. राजमिस्त्री
7. ताला बनाने वाला /मरम्मत करने वाला16. धोबी (कपड़ा धोने वाला)
8. कुम्हार 17. मछली पकड़ने का जाल में निर्माता
9. अस्त्रकार/कवच बनाने वाला18.टोकरी/ चटाई/ झाड़ू निर्माता, कयर बुनकर

नोट – इस योजना के अंतर्गत कांस्य,पीतल, तांम्बा डायस, बर्तन, मूर्तियां आदि का निर्माण भी शामिल है। ट्रेडों की सूची को राष्ट्रीय संचालन समिति की मंजूरी से साथ ही एमएसएमई मंत्री भारत सरकार की मंजूरी से अद्यतन और संशोधित किया जा सकता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत किस प्रकार का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा?

इस योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण का उद्देश्य पारंपरिक कार्यक्रम और शिल्पकारों की क्षमताओं को बढ़ाना है जो पीडिया से हाथों और पारंपरिक उपकरणों से कम कर रहे हैं उनके लिए इस प्रशिक्षण में तीन घटक शामिल है- 1.बुनियादी कौशल  2.कौशल सत्यापन और 3.उन्नत कौशल

पीएम विश्वकर्मा योजना से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदु-

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए भारत के किसी भी राज्य का कोई व्यक्ति इस पोर्टल www.pmvishwakarma.gov.in के माध्यम से पंजीकरण करना अनिवार्य है।
  • योजना के तहत प्रारंभिक ऋण की राशि 18 महीने की अवधि के लिए ₹100000 संपार्श्विक मुक्त ऋण दी जाएगी।
  • यदि आपने पीएम विश्वकर्म योजना के तहत ऋण की पहली किस्त प्राप्त कर चुके हैं, तो ऋण की दूसरी किस्त ₹200000 तभी आपको दी जाएगी। जब आपके पास एक मानक ऋण खाता होगी, और आपने अपने व्यवसाय में डिजिटल लेनदेन अपनाया हो साथ ही उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।
  • इस योजना के तहत लाभार्थियों को ऋण प्राप्त करने के लिए कोई संपार्श्विक देने की आवश्यकता नहीं है।
  • पीएम विश्वकर्म योजना के तहत लाभार्थियों से रियायती ब्याज दर 5% निर्धारित की जाएगी। भारत सरकार द्वारा ब्याज दर छूट 8% की सीमा तक होगी। 
  • इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी स्वीकृत और वितरित सभी ऋण गारंटी कवरेज के लिए पात्र हैं और लाभार्थी को ऋण के लिए कोई गारंटी शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।
  • निर्धारित तिथि से पहले ऋण चुकाने पर कोई जुर्माना नहीं है। साथ ही ऋण वितरण के 6 महीने के बाद कारीगरों और शिल्पकारों से कोई पूर्व भुगतान जुर्माना नहीं लिया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण अवधि के दौरान लाभार्थी को प्रतिदिन दी जाने वाली अधिकतम राशि ₹500 है।
  • इस योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिए बिना टूल किट प्रोत्साहन राशि का लाभ नहीं लिया जा सकता है।
  • लाभार्थी को बुनियादी प्रशिक्षण की शुरुआत में, कौशल सत्यापन के बाद, लाभार्थी को टूल किट प्रोत्साहन राशि के तहत ₹15000 दिए जाएंगे। बिना प्रशिक्षण के यह राशि नहीं दी जाएगी।
  • डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन की राशि के रूप में लाभार्थी को प्रतिमाह अधिकतम एक सौ लेन देन तक ₹1 चार्ज किया जाएगा। मासिक आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से डीबीटी मोड में लाभार्थी के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग, विज्ञापन, प्रचार और अन्य विपणन गतिविधियों के रूप में विपणन सहायता राशि लाभार्थियों को एमएसएमई और स्थापित कंपनियों की मूल्य श्रृंखला से उनके जुड़ाव को बेहतर बनाने के लिए दी जाएगी।
  • योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के संबंध में सहायता प्राप्त करने के लिए या योजना से संबंधित किसी प्रकार के प्रश्नों के समाधान के लिए, अपने निकटतम सामान्य सेवा केंद्रों, एमएसएमई विकास और सुविधा कार्यालय (MSME-DFO) या जिला उद्योग केंद्रों (DIC) पर जा सकते हैं। इसके अलावा आप [Email: dcmsme@nic.in ; Tel: 011-23061176] पर भी लिख सकते हैं या कॉल कर सकते हैं।
  • इस योजना के तहत ना तो कोई सरकारी कर्मचारी और न हीं उसके परिवार का कोई सदस्य लाभ लेने के पात्र होंगे।
  • इस योजना के अनुसार परिवार शब्द का अभिप्राय है- एक परिवार के पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे (जिनकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।)
  • पीएम विश्वकर्म योजना के तहत एक परिवार के केवल एक ही सदस्य आवेदन कर सकते हैं।
  • जिस व्यक्ति ने पीएमईजीपी ऋण लिया है। वह पीएम विश्वकर्मा के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।जिस व्यक्ति पर पीएम स्वनिधि या मुद्रा लोन बकाया है। वह भी आवेदन नहीं कर सकते हैं।जबकि जिन लोगों ने पीएम स्वनिधि या मुद्रा ऋण चुकाया हुआ है, वह पीएम विश्वकर्म योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभार्थी पीएमईजीपी के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लिए गए ऋण का भुगतान करने पर ही कोई व्यक्ति पीएम इजीपी का लाभ उठा सकता है। पीएम विश्वकर्मा का प्रयास न केवल हमारे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का समर्थन करना है बल्कि उन्हें पीएमईजीपी का उपयोग करके रोजगार जनरेटर बनाने में भी सक्षम बनाना है।
  • पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्र लाभार्थियों को डिजिटल रूप के साथ-साथ भौतिक रूप में भी उपलब्ध कराया जायेगा ।
  • पीएम विश्वकर्मा को शुरुआत में पांच वर्ष 2027-28 तक के लिए लागू किया गया है। 

पीएम विश्वकर्मा योजना से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण लिंक्स-

योजना का दिशा -निर्देश pdf

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