राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY)

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY) के उद्देश्य, लाभ, पात्रता, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और इस योजना से संबंधित सभी बिंदुओं का आसान शब्दों में विश्लेषण देखें।

परिचय

फसल उत्पादन को बड़े स्तर पर अर्थात भारतीय कृषि को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए साथ ही कृषि कार्य करने के लिए रकबे में वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषि आदान (अर्थात खेती से संबंधित सभी संसाधन, जो कृषि कार्य में उपयोग किए जाते हैं, जैसे बीज, उर्वरक, कीटनाशक, मशीनरी शामिल होते है। ) के माध्यम से किसान भाइयों को कृषि कार्य के लिए अधिक से अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इसलिए छत्तीसगढ़ के वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी इस योजना की शुरुआत की I

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY) 21 मई 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की शहादत दिवस पर शुरू की गई । इस योजना से कोरोना संकट के दौरान किसानों को बड़ी राहत मिली I इस योजना को शुरू करने का श्रेय छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को जाता है, उन्होंने कहा-

राजीव जी के शहादत दिवस पर मैंने घोषणा की है कि जो भूमिहीन श्रमिक है, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलना चाहिए । इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमिटी बना दी गई है इस कमिटी की अध्ययन रिपोर्ट कैबिनेट के सामने प्रस्तुत की जाएगी ताकि भूमिहीन कृषकों को भी योजना में शामिल किया जा सके I 

इस योजना की शुरुआत में धान, मक्का, गन्ना, रवि की फसलों को शामिल किया गया था। लेकिन वर्ष 2020-21 में तिलहन और दलहन फसलों को भी इस योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया I

छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि (खेती) पर निर्भर करती है। यदि दूसरे शब्दों में कहा जाए तो छत्तीसगढ़ राज्य की आबादी का एक बड़ा भाग खेती से ही अपनी जीविकोपार्जन करती है यानी अपना गुजर-बसर करती हैI

छत्तीसगढ़ राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से, मौसम प्रतिकूलता का प्रभाव हमारे किसान भाइयों पर बहुत ज्यादा पड़ता है, जिसके कारण हमारे किसान भाइयों को कृषि कार्य करने में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है साथ ही साथ कृषि से जुड़े सभी संसाधनों – उर्वरक, कीटनाशक, मशीनरी की लागत में वृद्धि के कारण किसान भाई, नई कृषि तकनीकों में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। कृषि में पर्याप्त निवेश व कृषि संसाधन में लागत में आर्थिक रूप से सहायता देने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई I

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY), Researcher Rajaram Bharati

उद्देश्यः-

  1. कृषि उत्पादन में नई फसलों व फसल प्रणालियों को कृषि उत्पादन से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना। यदि एक वाक्य में कहा जाए तो, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना।
  2. फसल उत्पादन के योग्य क्षेत्र का संरक्षण, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना।
  3. फसल की लागत में सहयोग राशि प्रदान कर किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि करना।
  4. किसानों को कृषि कार्य के लिए अधिक से अधिक निवेश हेतु प्रोत्साहित करना I
  5. कृषि कार्य को लाभ के व्यवसाय के रूप में स्थापित करना, साथ ही अपने राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना।

नोट:- फसलों के अनुक्रम और प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करना, फसल प्रणाली कहलाता है।

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY); पंजीयन की पात्रता

  • सभी श्रेणी के भू-स्वामी एवं वन पट्टाधारी किसान भाई एकीकृत किसान पोर्टल (https://kisan.cg.nic.in) में पंजीयन के लिए योग्य है।
  • मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अपनी भूमि पर वृक्षारोपण करने वाले सभी वन पट्टाधारी किसान भाई तथा ग्राम पंचायत एवं संयुक्त वन प्रबंधन समितियां भी एकीकृत किसान पोर्टल (https://kisan.cg.nic.in) पर पंजीयन कराने के योग्य हैं।

हितग्राही (किसान/लाभार्थी) की पात्रता

  1. इस योजना का लाभ पाने के लिए सभी श्रेणी के भू-स्वामी एवं वन पट्टेदार पात्र होंगे।
  2. संस्था के अधीन भूमि धारक किसान भाई इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
  3. रेगहा/ बटाईदार /लीज किसान इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
  4. संबंधित मौसम में गिरदावरी (जब किसान भाई अपने खेत के कितने रकबे में कौन सी फसल बोई है, उसे पटवारी द्वारा सरकारी दस्तावेज में दर्ज किया जाता है, इस प्रक्रिया को गिरदावरी कहा जाता है) से संबंधित डेटा भुइयां पोर्टल पर उपलब्ध है । किसान के आवेदन के दौरान लिखी गई फसल एवं रकबा में जो भी कम होगा, उस फसल एवं रकबे को आदान सहायता प्रदान करने हेतु योग्य माना जाएगा।
  5. आवेदन के साथ-साथ सभी किसान भाइयों को आदान सहायता प्राप्त करने के लिए इस योजना के तहत एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकरण कराना आवश्यक है। जो किसान भाई इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण नहीं करवाए हैं, इस योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान नहीं की जाएगी I
  6. इस योजना के अंतर्गत आने वाली फसलों पर ही आदान सहायता राशि वितरित की जाएगी।
  7. इस योजना के तहत योग्यता का निर्धारण करने के दौरान, भूमि सीलिंग कानून (जमींदारी प्रथा के उन्मूलन के बाद 1961 में सीलिंग अधिनियम लागू किया गया था I इस कानून के लागू होने के बाद, एक परिवार को 15 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि रखने का अधिकार नहीं है। सिंचित भूमि के मामले में यह रकबा 18 एकड़ तक बढ़ सकता है।)के प्रावधान को ध्यान में रखते हुए पात्रता का निर्धारण किया जायेगा I
  8. जिन किसान भाइयों के द्वारा यदि आवेदन पत्र में गलत जानकारी दी जाती है, तो उनसे भू-राजस्व संहिता के नियमानुसार प्राप्त धनराशि की वसूली की जायेगी।
  9. यदि पंजीकृत किसान के भाई की मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में परिवार के उन सभी नामांकित व्यक्तियों के नाम पर कृषि आदान सहायता राशि तहसीलदार द्वारा प्रदान की जाएगी।
राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY), Researcher Rajaram Bharati

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY); आदान सहायता की राशि

  • इस योजना के तहत 2021 से खरीफ की प्रमुख फसल धान के साथ-साथ गन्ना, मक्का, कोदो, कुटकी, सोयाबीन, अरहर का उत्पादन करने वाले किसान भाइयों को प्रत्येक प्रति वर्ष, प्रति एकड़ ₹9000 रुपए की राशि दी जाएगी ।
  • वर्ष 2020-21 में किसान भाइयों ने जिस रकबे से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचा था I यदि वह धान के बदले कोदो, कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टीफाइड धान, केला, पपीता लगाता है अथवा वृक्षारोपण करता है, तो उसे प्रति वर्ष प्रति एकड़ ₹10000 रुपए की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही पेड़ लगाने वाले किसान भाइयों को भी 3 साल तक आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी I

एकीकृत किसान पोर्टल मोबाइल

छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसान भाइयों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है I जिससे समय, संसाधन आदि की हानि होती थी I लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता था I लोगों को इस परेशानी से बचाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं के लिए एक ही प्लेटफार्म पर किसान भाइयों के पंजीयन के लिए एकीकृत किसान पोर्टल (https://kisan.cg.nic.in) लांच किया है साथ ही किसानों के धारित भूमि एवं बोए गए फसलों के रकबा सत्यापन हेतु इसे भुईयां पोर्टल से जोड़ा गया हैI

एकीकृत किसान पोर्टल में, राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY), मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, धान एवं मक्का उपार्जन, कोदो, कुटकी एवं रागी उपार्जन योजना को सम्मिलित किया गया है I भविष्य में आवश्यकतानुसार अन्य योजनाओं को भी इस पोर्टल से जोड़ा जा सकता है I एकीकृत किसान पोर्टल के उद्देश्य-

  • किसान भाइयों को अलग-अलग कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, काफी आसान और सुगम पंजीयन होगा I
  • विभिन्न योजनाओं के लिए किसान भाइयों को मात्र एक बार ही कृषक पंजीयन करवाना होगा I
  • योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रबंधन और पर्यवेक्षण में भी किसान भाइयों को सुविधा होगी I
  • हितग्राहियों(लाभुक/ किसान) के दोहराव को रोकना और वास्तविक हितग्राही को लाभान्वित करना I
राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY), Researcher Rajaram Bharati

एकीकृत किसान पोर्टल पंजीयन के दिशा निर्देश

  • किसान भाइयों को राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY), मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना एवं मक्का उपार्जन साथ ही कोदो, कुटकी एवं रागी उपार्जन योजना का लाभ लेने के लिए इन सभी योजनाओं के दिशा निर्देश के अनुसार योग्य किसान को निर्धारित समय में ही एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक होगा I
  • किसान भाइयों का आवेदन स्वीकृत हुआ या नहीं इसकी जानकारी SMS के माध्यम से किसान भाइयों के मोबाइल पर दी जाएगी व पंजीयन के बाद प्रत्येक किसान भाई को एक यूनिक आईडी भी दिया जाएगा I
  • जिन किसान भाइयों का संयुक्त खाता है, और उस संयुक्त खाता में जिनके नाम से पंजीयन संख्या दी गई है अथवा सभी खाताधारकों द्वारा नामित व्यक्ति के नाम से या सभी खातेदारों की सहमति से हिस्सेदारी के अनुसार अलग-अलग किया जाएगा I इसके लिए संबंधित किसान भाइयों को आवेदन पत्र के साथ-साथ सभी खाताधारकों की सहमति के साथ सह घोषणा पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है I
  • संस्थागत/रेगहा /बटाईदार /लीज/ डुबान क्षेत्र के कृषकों का पंजीयन खाद नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाएगा I इसके लिए पोर्टल में अलग से लिंक दिया जाएगा I
  • पोर्टल के माध्यम से खरीफ मौसम की फसल उद्यानिकी फसल साथ ही वृक्षारोपण करने वाले किसान भाइयों का भी पंजीयन किया जाना आवश्यक है I
  • 2020 में खरीफ फसल में धान उपार्जन हेतु पंजीकृत या विक्रय किए गए रकबा पर ही धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टीफाइड धान, कृषि फसल, उद्यानिकी फसल व वृक्षारोपण करने वालों को पंजीयन करवाना आवश्यक है I
  • कुल धारित रकबे के अधीन बोए गए सभी फसल हेतु किसान भाइयों को ग्राम बार आवेदन करना होगा I साथ ही सभी किसान भाइयों को बोए गए फसल के रकबे की जानकारी खसरावार देनी होगी I
  • यदि किसान भाइयों के द्वारा खेतिहर जमीन की खरीद-बिक्री की जाती है, तो गिरदावरी की अंतिम तिथि तक, भुइयां पोर्टल में प्रदर्शित कुल रकबा के अंतर्गत संबंधित कृषक की पात्रता निर्धारित करना आवश्यक होगा I
  • संबंधित मौसम में भुइयां पोर्टल में अंकित गिरदावरी के आंकड़े व किसान भाइयों के आवेदन में अंकित फसल व रकबे मे से न्यूनतम फसल व रकबे को विभिन्न योजनाओं के लिए मान्यता दी जाएगी I
  • पंजीकृत किसानों के डेटाबेस को आने वाले वर्षों में उपयोग के लिए कैरीफॉरवार्ड किया जाएगा जो किसान भाई पिछले वर्ष में पंजीकृत डाटा में कोई संशोधन नहीं कराना चाहते हैं I उन्हें चालू वर्ष में पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी I किंतु यदि पहले से पंजीकृत किसान भाई किसी कारणवश पंजीयन में संशोधन नहीं करवा पाए हैं तो उन्हें निर्धारित प्रपत्र के साथ आवेदन कर संशोधन करा सकते हैं I
योजना का पुरा नामराजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY)
योजना का संक्षिप्त नामRGNY
योजना के पात्र व्यक्तिछत्तीसगढ़ राज्य के किसान भाई
योजना की पात्रताजिन किसान भाई के पास खेती के लिए भूमि हो
योजना की शुरुआत21 मई 2020
योजना को शुरू करने का श्रेयछत्तीसगढ़ राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
कृषि सहायता राशि₹9000 रुपए से ₹10000 रुपए तक
ऑफिशियल वेबसाइटhttps://rgkny.cg.nic.in/
सिर्फ किसान भाई के पंजीयन के लिएएकीकृत किसान पोर्टल (https://kisan.cg.nic.in)
  • धान उपार्जन योजना एवं बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत धान उपार्जन के दोहराव को रोकने के लिए पोर्टल में सीड प्रोडक्शन मॉड्यूल तैयार किया जाएगा I प्रमाणित बीज उत्पादन कार्यक्रम में भाग लेने वाले किसान भाइयों को छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में आवश्यक रूप से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा I
  • एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन हेतु किसान भाइयों को आवेदन के साथ साथ, आधार नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा I यदि किसी किसान भाइयों के पास आधार नंबर नहीं है, तो उन्हें आधार बनवाना ही होगा I
  • कृषि फसल लगाने वाले किसान भाइयों के आवेदन का परीक्षण व सत्यापन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किया जाएगा I
  • यदि कोई किसान भाई उद्यानिकी फसल या वृक्षारोपण करते हैं I अथवा कृषि फसल के साथ उद्यानिकी अथवा वृक्षारोपण करते हैं, तो ऐसे किसान भाइयों के आवेदन का परीक्षण व सत्यापन ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी में से किसी एक द्वारा किया जाएगा I
  • किसान एकीकृत पोर्टल पर किसान भाइयों के आवेदन का ऑनलाइन सत्यापन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी को अनिवार्य रूप से करना होगा I इसके बाद ही किसान भाइयों का पंजीयन संबंधित सहकारी समिति द्वारा किया जाएगा I
  • फसल के रकबा निर्धारण के लिए पोर्टल में अंकित भूमि या गिरदावरी के आंकड़ों को ही मुख्य रूप से उपयोग मैं लाया जाएगा I
  • किसान भाइयों के सभी फसलों का कृषकवार, खसरावार बोए गए फसल के क्षेत्रIच्छादन की जानकारी राजस्व विभाग द्वारा गिरदावरी के माध्यम से संग्रहित की जाएगी I
  • गिरदावरी के आंकड़ों में त्रुटि या भिन्नता होने पर आवश्यक निर्देश एवं प्रक्रिया के आधार पर राजस्व विभाग द्वारा सुधार का कार्य किया जाएगा I

नोट -एकीकृत किसान पोर्टल पर किसान भाइयों के नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल या रकबे में संशोधन की कार्यवाही 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक की जाएगी तथा किसान भाइयों के व्यक्तिगत आधार कार्ड एवं बैंक विवरण में संशोधन, साथ ही वारिसान पंजीयन की कार्यवाही निरंतर चालू रहेगी I

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना

  • वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वन अधिकार पट्टा धारक ग्राम पंचायतों एवं संयुक्त वन समिति का पंजीयन के लिए विकसित पोर्टल को एकीकृत किसान पोर्टल से जोड़ दिया गया है I
  • मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वन पट्टा धारक जो नए सिरे से अपने जमीन पर वृक्षारोपण करना चाहते हैं वह ग्राम पंचायत एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति जो अपने पास उपलब्ध राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण करना चाहते हैं, उन्हें योजना के अनुसार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना आवश्यक होगा I
  • जो किसान भाई , आवेदन के योग्य हैं, को आवश्यक दस्तावेज के साथ निर्धारित प्रपत्र में आवेदन 30 नवंबर तक संबंधित वन परिक्षेत्र कार्यालय में जमा करना होगा I
  • परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा दस्तावेज सत्यापन के बाद पोर्टल में सभी डाटा को संग्रहित किया जाएगा I
  • वर्ष 2020 में खरीफ फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किए गए रकबा पर धान के बदले वृक्षारोपण करने वाले किसान भाइयों को इस योजना के आवश्यक दिशा -निर्देश के अनुसार आवेदन करना होगा I आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक होगी I
राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY), Researcher Rajaram Bharati

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY) के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • जब तक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO)के द्वारा ऑनलाइन सत्यापन नहीं किया जाएगा I तब तक उस किसान भाई की एंट्री नहीं की जा सकती है I
  • किसान का विवरण तीन तरीके से लिया जा सकता है : –
    • 1. धान खरीदी के कृषक कोड के द्वारा (मोबाइल नंबर, खाता संख्या वेरीफाइड होना चाहिए, जिसको बदला नहीं जा सकता I)
    • 2. यदि आधार कार्ड संख्या एग्री कोष में दर्ज हो I
    • 3. समिति द्वारा नई जानकारी दर्ज कर I
  • जिस गांव में किसान भाई का सत्यापन हुआ है I उस ग्राम का भूमि के विवरण में सत्यापन होना अनिवार्य है, अर्थात भुइयां पोर्टल से सत्यापन होना अनिवार्य है I
  • जिस किसान भाई के आवेदन प्रपत्र में पिछले वर्ष में धान फसल के स्थान पर अन्य फसल बोने का विवरण दिया गया है, तो उस किसान भाई का पंजीयन धान उपार्जन के फार्मर कोड का उपयोग अनिवार्य रूप से करना होगा I
  • बोया जाने वाली फसल में उन्हीं ग्रामों का नाम ड्रॉपडाउन लिस्ट में आएगा, जिन ग्रामों का नाम इस किसान भाई के लिए RAEO (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) द्वारा सत्यापन किया गया है, तथा इस किसान भाई के लिए इन ग्रामों के खसरे में समिति द्वारा एंट्री नहीं किया गया है I
  • किसान भाई के फसल के रकबे की प्रविष्टि खसरावार की जानी है I
  • बोई जाने वाली फसल तथा धान के बदले बोए गए फसल की प्रविष्टि अलग -अलग करना है, तथा इन दोनों के रकबे का योग किसान भाई के खसरेबार कुल रकबा से अधिक नहीं होनी चाहिए I
  • किसी एक रकबे में उसके कुल रकबे के अधीन विभिन्न फसलों की प्रविष्टि की जा सकती है I
  • एकीकृत किसान पोर्टल पर खसरे पर फसलों की प्रविष्टि एक ही बार सुरक्षित की जा सकती है I

एकीकृत किसान पोर्टल (Unified Farmer Portal – UFP) पर

मुख्य रूप से दो तरह के लोग इन उपलब्ध हैं :-

  1. RAEO (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी )
    • RAEO (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ) को एग्री – कोष का यूजर आईडी व पासवर्ड दर्ज करना है I
  2. सोसाइटी
    • सोसाइटी को धान खरीदी का यूजर आईडी उपयोग करना है और पासवर्ड तो पूर्व वर्ष में ही मिल गया है I
  3. SADO (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी)
    • SADO (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी) कोई भी एग्रीकोष का यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करना है I
  4. तहसीलदार
    • तहसीलदार को भी यूजर आईडी पासवर्ड दर्ज करके ही लॉगइन करना पड़ता है I

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY); कुछ महत्वपूर्ण लिंक्स :-

इन्हें भी पढ़ें :-

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (RGNY) – In English Language.

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना – In English Language.

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना – हिंदी भाषा में

Leave a comment